पान पराग से रोटोमेक तक जानिए कोठारी की दिलचस्प कहानी - khabar buzz

khabar (खबर) news must be read for information According to the media survey, in today's era, 75% of the Indian population reaches the Internet for news so here you can read articles about politics, sports, life style, Bollywood gossips, and about in Indian history....

सोमवार, फ़रवरी 19, 2018

पान पराग से रोटोमेक तक जानिए कोठारी की दिलचस्प कहानी

भारत का चौथा स्तम्भ माना जाने वाला मीडिया
ओर ये मीडिया जो दिखाए भारतीय उसके इर्द गिर्द ही सोचते है और शायद अब ऐसी मनोदशा बन चुकी है कि वही तक सोच पाते है शायद.....
पहले पद्मावत मुद्दा
फिर प्रिया प्रकाश
ओर आजकल नीरव मोदी
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (टीवी न्यूज सोशल साइट्स etc) जो दिखायेगा भारतीय सोच भी उसके इर्द गिर्द ही घूमेगी फिर भले चाहे कितने ही जवान शहीद हो रहे हो देश मे कही भी कोई अप्रिय घटना हो मीडिया तो वो ही दिखायेगा न जो बिकता है
खेर अब नीरव मोदी से परे जाकर आते है विक्रम कोठारी पर  अगर विक्रम कोठारी का 600 करोड़ का चेक बाउंस नही  हुआ होता तो शायद ये 3600 करोड़ के घपले की सच्चाई की परतें खुलते खुलते काफी देर भी हो जाती लेकिन विक्रम कोठारी के एक चेक ने ही उसके बने बनाये नाम पैसे कारोबार का सत्यानाश कर गयी
कोंन है विक्रम कोठारी?????

आइये थोड़ा अतीत में चलते है

हम जब बच्चे हुआ करते थे 90 के दौर में दूरदर्शन पर धारावाहिक देखा करते थे तब बीच बीच मे शम्मी कपूर का एक विज्ञापन आया करता था कि " मेहमानों का स्वागत तो पान पराग से ही होना चाइये" 
जी हां पान पराग
याद आया कुछ????
80
ओर 90 के दशक में सबसे ज्यादा बिकने वाला  पान मसाला पान पराग
कानपुर के मनसुख भाई कोठारी का ब्रांड था पान पराग जिसके लिए अच्छे अच्छे फ़िल्म कलाकरों तक ने विज्ञापन दिए थे जो 90के दौर में बड़े हुए है वे पान पराग को कभी नही भूल सकते
मनसुख भाई के 2 बेटे बड़ा दीपक कोठारी छोटा विक्रम कोठारी
साल 1989 की शुरुवात में ही दोनो भाइयो के व्यवसाय का भी बंटवारा हुआ जिसमें पान पराग ब्रांड आया दीपक कोठारी के हिस्से ओर ताजा ताजा शुरू हुआ रोटोमेक पेन आया छोटे भाई विक्रम कोठारी के हिस्से (मेरे 10वी ओर 12वी के पेपर इसी रोटोमेक से लिखे गए थे आखिर भूल कैसे सकते है उस  नीले केप वाले सफेद पेन को)
90 के दौर में खूब प्रचलित हुआ रोटोमेक पेन लेकिन मार्किट में सेलो की धमाकेदार एंट्री ओर रमन भाई जेन के मोटेक्स की इंक ने धीरे धीरे रोटोमेक की बिक्री पर ब्रेक से लगा दिए थे तब विक्रम कोठारी ने  ब्रेवरेज इंडस्ट्री में कदम रखते हुए "yes water" नाम से मिनरल वोटर बोतल की शुरुवात की बिसलेरी के आगे दम तोड़ते यस बोतल भी लंबी दूरी तय नही कर पाई और विक्रम कोठारी ने रियल इस्टेट का नया व्यवसाय पकड़ लिया इसी बीच बैंक दर बैंक हुआ लोन वाला खेल जो माल्या ओर नीरव मोदी भी खेल रहे थे ( बड़ी मछलियों का पसंदीदा खेल है ये) आखिरकार 600 करोड़ का चेक बाउंस हुआ और पूरे 3600 करोड़ की पोल खुली बड़ी बात ये रही कि कोठारी ने अभी तक देश नही छोड़ा है और उन्होंने बकायदा मीडिया के सामने  स्पष्ट किया है कि उन्होंने कोई घपला नही किया जो माल्या या मोदी की तरह देश छोड़ कर भाग जाए
खेर आज कोठारी के दफ्तरों ओर घरों में ed का छापा भी पड़ा और कोठारी को पूछताछ के लिये भी ले जाया गया

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

क्रिकेट जगत का पहला फिक्स मैच ओर बॉलीवुड कनैक्शन 53 साल पुरानी सच्ची घटना

क्रिकेट जगत का पहला फिक्स मैच ओर बॉलीवुड कनैक्शन 53 साल पुरानी सच्ची घटना  जिस तरह आज कल क्रिकेट जगत मे फिक्सिंग का साया अक्सर मंडर...