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क्रिकेट जगत का पहला फिक्स मैच ओर बॉलीवुड कनैक्शन 53 साल पुरानी सच्ची घटना


क्रिकेट जगत का पहला फिक्स मैच ओर बॉलीवुड कनैक्शन 53 साल पुरानी सच्ची घटना 


जिस तरह आज कल क्रिकेट जगत मे फिक्सिंग का साया अक्सर मंडराया रहता है उससे हर किसी के मन मे एक ही ख्याल आता है की क्या वास्तव मे मैच फिक्स होते होंगे ???? क्या आज भी क्रिकेटर अपने देश को धोखे मे रखे हुए है ??

आइये आज हम आपको एक दिलचस्प किस्सा सुनाते है जो आज से करीब 53 साल पहले घटित हुआ था
जी हा 
हुआ कुछ ऐसा था की वो क्रिकेट जगत का पहला फिक्स मैच होने जा रहा था जिसमे बल्लेबाज मैच से पहले पैसे लेकर 0 पर आउट होने वाला था लेकिन अचानक ऐसा क्या हो गया जो सब कुछ तय होने के बाद भी मैच फिक्स ही नही हो पाया ???

आइये जानते है पूरी कहानी

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दरअसल वर्ष 1966-67 मे उस दौर की ताकतवर टीम वेस्टइंडीज भारत के दौरे पर आई हुई थी ओर वेस्टइंडीज के कप्तान थे सर गैरी सोबर्स जिनके बारे मे सुनील गावस्कर तक ने कहा था की सोबर्स इतने काबिल कप्तान थे की रेसकोर्स पर जाने के लिए टेस्ट मैच को रेस होने से पहले ही खतम करने का माद्दा रखते थे क्रिकेट इतिहास मे सर सोबर्स की क्या जगह है ये तय करना भी बड़ा मुश्किल है कोई उन्हे मिलेनियम स्टार कहते थे तो वेस्टइंडीज मे उन्हे एक पावर फूल शक्ति के रूप मे जाना जाता था ओर बाकी देशो के खिलाड़ियो के लिए सोबर्स एक खोफ की तरह थे
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अब आते है असल मैच फिक्स की कहानी पर
फिल्मी दुनिया के मशहूर प्रोड्यूसर आई एस जौहर को जब पता चला की सोबर्स रेस के लिए टेस्ट तक खतम करने का माद्दा रखते है तो जौहर ने सोबर्स से मिलने की ठानी ओर जौहर की ये मुलाक़ात करवाई मशहूर फिल्म अभिनेत्री अंजु महेंद्रु ने वही अंजु महेंद्रु जिनके सोबर्स के साथ प्यार के किस्से उस दौर मे काफी चर्चित भी हुए थे वेस्टइंडीज अपना पहला टेस्ट मुंबई मे जीत चुकी थी ओर अगले मद्रास टेस्ट की तयारी मे थी अंजु महेद्रु ने सोबर्स की दोस्ती जौहर साहब से करवा दी ओर उसके बाद वेस्टइंडीज टीम जितने दिन मुंबई रुकी सोबर्स रोज शाम को चर्चगेट स्थित जौहर के बंगले पहुँच जाया करते थे जहा अंजु महेंद्रु भी मोजूद होती थी चन्नई टेस्ट के लिए रवानगी से एक रोज पहले सोबर्स जौहर ओर अंजु तीनों साथ बेठे तब जौहर ने सोबर्स से कहा की " जो चन्नई टेस्ट मे शतक बनाएगा उसे मे 2000रु दूंगा " सोबर्स हंस कर बोले अच्छी बात है मुझे शतक के बाद 2000रु भेज जरूर देना तभी जौहर बोले "तुम अगर 00 जीरो पर आउट होते हो तो मैं तुम्हें पूरे 10 हजार नकद दूंगा" एकबारगी सोबर्स भी हेरत मे पड़ गए क्योकि उस दौर मे आज से 53 साल पहले 10 हजार रु बहुत बड़ी रकम हुआ करती थी आज के करोड़ो के बराबर सोबर्स तुरंत अंजु को दूसरे कमरे मे ले गए ओर जौहर के बारे मे तसल्ली ली की जौहर मजाक कर रहे है या वास्तव मे 10हजार रु देंगे भी ??

प्रसिद्ध संगीतकार क्ल्यान जी भी वही बेठे थे उन्होने सोबर्स को तसल्ली दी की चिंता मत कीजिये आप जीरो पर आउट होते है तो आपको पूरे 10 हजार ही मिलेगे क्योकि अगर आप जीरो पर आउट होंगे तो हम जुए मे लाखो कमाएगे क्योकि उस दौर मे सोबर्स का जीरो पर आउट होना बहुत बड़ी बात मानी जाती थी

कुछ देर के लिए सोबर्स ने सोचा अपनी टीम का हिसाब किताब लगाया ओर बोले की मैं जीरो पर भी पेवेलियन जाता हूँ तो भी हमारी टीम ये टेस्ट तो आराम से जीत जाएगी फिर सोबर्स ने शर्त रखी की पैसे मेरी बेटिंग आने से एक दिन पहले मुझे मिलने चाइए तभी मे जीरो पर आउट हौंउगा आई एस जौहर ने ये शर्त मान ली ओर साक्षी के तोर पर अंजु महेंद्रु ओर कल्याण जी को रखा गया अगले दिन वेस्टइंडीज टीम मद्रास टेस्ट के लिए रवाना हो गयी ओर जौहर अपने दोस्त डी के मेहरा के पास गए जो मुंबई की बड़ी मिल के एजेंट थे जौहर ने मेहरा से कहा की कल तक 10 हजार रु मद्रास पहुंचाने की व्यवस्था करो जब  मेहरा ने कारण पूछा तो जौहर ने पूरी कहानी बता दी
एक बार के लिए तो मेहरा भी हेरान रह गए की गेरी सोबर्स ओर जीरो ????

फिर मेहरा ने जौहर को ऐसा नही करने को कहा ओर कारण बताया की जब ढेरो लोग लाखो रु हार जाएगे तो चारो तरफ हो हल्ला मच जाएगा ऐसे मे सोबर्स से लेकर हम सब एक बड़ी आफत मे फंस सकते है सोबर्स का केरियर खतम हो जाएगा ओर आपकी बॉलीवुड मे प्रतिष्ठा भी खराब होगी

मेहरा के वजन भरे सुझाव सुन कर जौहर ने अपना इरादा बदल लिया जौहर ने तुरंत अंजु एव कल्याण जी को बात यही दबाने को कह दिया मद्रास टेस्ट मे सोबर्स ने दोनों पारियो मे 95 ओर 74 नाबाद बनाए ओर वेस्टइंडीज बड़े आराम से वो टेस्ट जीत गया

मद्रास टेस्ट खतम होने के बाद सोबर्स फिर मुंबई आए ओर जौहर के चर्चगेट स्थित बंगले गए सोबर्स ने तुरंत पूछा 10 हजार क्यो नही भेजे तो जौहर ने कहा की मुझे तुम्हारे क्रिकेट केरियर खतम होने की चिंता थी तब सोबर्स बोले मेरे खेल की चिंता करने की जरूरत तुम्हें कब से हो गयी??? इतना कह कर सोबर्स अंजु के साथ बंगले से बाहर निकल गए ओर उसके बाद कभी भी जौहर से मुलाक़ात तक नही की


ये किस्सा खुद जौहर ने अपने एक मेगज़ीन इंटरव्यू मे बताया था




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