Ambati Rayudu announces retirement from all forms of cricket - khabar buzz

khabar (खबर) news must be read for information According to the media survey, in today's era, 75% of the Indian population reaches the Internet for news so here you can read articles about politics, sports, life style, Bollywood gossips, and about in Indian history....

बुधवार, जुलाई 03, 2019

Ambati Rayudu announces retirement from all forms of cricket

        Ambati Rayudu announces retirement from all forms of cricket

Ambati Rayudu announces retirement from all forms of cricket


हो सकता है आप सब ने अंबती रायडू का नाम पिछले कुछेक वर्षो मे सुना हो या फिर आईपीएल आने के बाद लेकिन मैं उन चुनिन्दा क्रिकेट प्रशंषको मे से एक हूँ जिसने पहली बार अंबाटी राड्यू का नाम अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान 2002 मे सुना था ठीक आज से 17 वर्ष जब अंबाटी खुद मात्र 16 वर्ष के युवा थे और भारत की अंडर 19 टीम के साथ इंगलेंड दौरे के लिए गए थे और न सिर्फ भारत बल्कि ब्रिटिश अखबारों की सुर्खियां बन गए थे क्योकि वहाँ अंबाटी ने इतिहास बनाया था एक ऐसा इतिहास जो हर युवा क्रिकेटर का सपना होता है लेकिन मुक्कमल सिर्फ नसीबदारो के हिस्से मे ही होता है 

जी हाँ 2002 मे भारत ओर इंगलेंड की अंडर 19 टीमों के बीच खेले गए तीन एकदिवसीय मेंचो मे राड्यू का स्कोर था 34 / 80 / और 177* 
अर्थात कुल तीन मैच मे 145 की औसत से 291 रन ओर भारत तीनों मैच जीता ओर राड्यू मेन ऑफ दी सीरीज चुने गए ये 16 वर्षीय युवा बल्लेबाज की क्रिकेट जगत मे धमाकेदार एंट्री थी जिसका आज 3 जुलाई 2019 को अंत हुआ 
2002 की अंडर 19 सीरीज मे रायडू के इतिहास की बात हम इसलिए कर रहे है क्योंकि तीसरे मैच मे रायडू ने 114 गेंदो मे 18 चोक्के ओर 3 छक्को की सहायता से 177 नाबाद बनाए बड़ी बात ये की इंगलेंड द्वारा दिये गए 304 के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत के 20 रन तक दो विकेट खो चुके थे उसके बाद राड्यू एवं कुलदीप रावत के बीच 113 रन की अहम साझेदारी हुई जिसके कारण भारत ने अहम मुक़ाबले को जीत सीरीज पर कब्जा किया 

रायडू का केरियर विवादों से भरा रहा है इंडिया ए ओर रणजी खेलने के दौरान रायडू 2007 मे ज़ी नेटवर्क द्वारा आयोजित ICL( इंडियन क्रिकेट लीग ) खेलने चले गए जिस कारण बीसीसीआई खफा हुआ ओर अन्य क्रिकेटरों की तरह रायडू पर भी बीसीसीआई की तलवार चली लेकिन घरेलू क्रिकेट मे लाजवाब प्रदर्शन के चलते बीसीसीआई ने रायडू से बेन हटा दिया जिसके कारण रायडू आईपीएल खेल पाये 

क्रिकेट की किताब उठाए तो ज्ञात होता है की संघर्ष का दूसरा नाम अंबाटी रायडू था क्योकि 16  वर्ष की उम्र मे ब्रिटिश धरती पर जल्वा बिखेरने वाले रायडू को पहला अंतराष्ट्रिय एकदिवसीय खेलने के लिए 2014 तक इंतजार करना पड़ा जब रायडू के साथ खेलने वाले गोतम गंभीर सन्यास की योजना बना रहे थे ओर रायडू के बाद अंडर 19 मे स्लेक्ट होने वाले विराट कोहली भारत के मुख्य खिलाड़ियो मे शामिल हो चुके थे ऐसा नहीं है की रायडू काबिल नहीं थे मैं आज भी टेक्निक के मामले मे रायडू को अभी विश्व कप मे खेल र्हे ऋषभ पंत लोकेश राहुल ओर दिनेश कार्तिक और चोटिल विजयशंकर से काफी बेहतर मानता हूँ लेकिन रायडू शायद बदकिस्मती के शिकार खिलाड़ी थे क्योकि 2013 मे भारतीय टीम मे शामिल रायडू साल भर मे 4 अलग अलग दौरो पर गए लेकिन सिवाए ग्राउंड मे पानी पिलाने के एक भी मैच नही खेल पाये जब टीम मेनेजमेंट से पूछा गया था प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान जवाब मिलता था की रायडू की जगह नहीं बन रही है ओर फिर टीम मे कभी स्थायी जगह बनी ही नही हमेशा अंदर बाहर होते ही रहे साल 2018 के आईपीएल मे रायडू की शानदार बल्लेबाजी की बदोलत चेन्नई कप विजेता बनी थी और रायडू को उम्मीद थी की चयनकर्ता इस बार तो नकार नहीं सकते ओर फिर रायडू का चयन भी हुआ लेकिन तभी रायडू ने अपनी ज़िंदगी की शायद सबसे बड़ी भूल कर दी प्रथम श्रेणी क्रिकेट से सन्यास लेकर 
रायडू का मानना था की वो अब सिर्फ इंटेरनेशनल क्रिकेट ओर आईपीएल पर ही ध्यान देगा रायडू के इस निर्णय से बीसीसीआई चयन समिति ओर खुद कप्तान विराट कोहली तक नाराज थे उनका मानना था की  क्रिकेट खेल ही ऐसा है जिसमे क्लास भले परमानेंट हो लेकिन फार्म टेम्प्रेरी ही होती है रायडू को पूरी उम्मीद थी की विश्व कप 2019 के लिए चयन समिति प्रमुख वीएसके प्रसाद उसको जरूर नोटिस करेंगे लेकिन भारत की 15 सदस्य टीम मे नाम न आने से  रायडू काफी निराश थे लेकिन उम्मीद नहीं छोड़ी थी उसके बाद शिखर धवन की चोट के बाद पंत को शामिल करना ओर पत्रकारो द्वारा  रायडू के सवाल पर कप्तान कोहली का मुह फेर देना शायद रायडू को समझ आ चुका था की माजरा क्या है आखिरी उम्मीद जागी विजयशंकर के चोटिल होने से ओर चयन समिति ने मयंक अग्रवाल को बुला रायडू को साफ साफ संदेश दे दिया की अब तुम्हारी जरूरत नही है शायद अकेले रायडू को नही बल्कि उसमे सुरेश रैना भी शामिल है जो 2 साल से टीम मे वापसी का इंतजार कर रहे है 

अंतत आज 3 जुलाई को अंबाटी रायडू ने ओफिश्यली इन्टरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया अब रायडू सभी फॉर्मेट से सन्यास ले चुके है सिर्फ आईपीएल मे खेलते रहेंगे लेकिन सबसे बड़ी बात ये की क्या 33 की उम्र मे ही रायडू का सन्यास का फेसला सही है??? या रायडू के साथ भी व्ही गंदा राजनीतिक खेल हुआ है जो सहवाग गंभीर ओर युवराज के साथ हुआ था?? क्योकि तकनीकी मामले मे रायडू मयंक अग्रवाल ओर ऋषभ पंत से काफी बेहतर बल्लेबाज है बात अगर उम्र की है तो धोनी 39 की उम्र मे भी खेल रहे  है  

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

क्रिकेट जगत का पहला फिक्स मैच ओर बॉलीवुड कनैक्शन 53 साल पुरानी सच्ची घटना

क्रिकेट जगत का पहला फिक्स मैच ओर बॉलीवुड कनैक्शन 53 साल पुरानी सच्ची घटना  जिस तरह आज कल क्रिकेट जगत मे फिक्सिंग का साया अक्सर मंडर...