प्यार राजनीति और शतरंज का खेल - khabar buzz

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रविवार, जुलाई 14, 2019

प्यार राजनीति और शतरंज का खेल

प्यार राजनीति और शतरंज का खेल


प्यार राजनीति और शतरंज का खेल 

हम भारतीय फिल्मों के बड़े शौकीन होते है और भारतीय फिल्में भी कहने को समाज का आईना
इसी फिल्मी आईने में देख कर कई युवा प्रेम में डूबे घर से भागे शादीयां भी की ओर कई जोड़े खुशनसीब रहे जो परिवार ने स्वीकार भी कर लिया कईयों ने इसकी कीमत अपनी जान देकर भी चुकाई
प्यार झुकता नही से लेकर हालिया रिलीज धड़क मुवी तक मे  लड़का लड़की घर से भाग कर शादी करने वाली वही कहानी बस प्रदर्शित करने का तरीका  ओर बस किरदार अलग थे
जनता कहती है की  फिल्मे युवाओ का रास्ता भटका देती है तो फिल्मकार कहते है हम तो वही दिखा रहे है जो समाज मे घटित हो रहा है अब  असलियत क्या है ये सब जानते है सो आज  का मुद्दा  ये कत्तई नही है
मुद्दा है राजनीतिक साजिश के तहत लड़की भगा ले जाना और फिर शतरंज की बिसात पर शह ओर मात का खुला खेल
ताजा ताजा मामला है बरेली के भाजपा विधायक राजेश मिश्र ओर उनके कर्मठ कार्यकर्ता अजितेश का
 ओर इसमे  मोहरा बनी  है विधायक जी की लाडली बेटी "साक्षी मिश्रा"चुनाव खत्म हो गए एव अब भारत भी विश्वकप से बाहर हो गया ऐसे में मीडिया को TRP बरकरार रखने के लिए ऐसा ही कोई मुद्दा चाइये था जिससे स्टूडियो में सुबह से लेकर शाम को 8 बजे वाले प्राइम टाइम शो तक रोनक बरकरार रहे सो मीडिया भी अपने चिर परिचित अंदाज में कूद गया इस शतरंज के खेल में ओर इसके बाद आम भारतीय जनता का रिएक्शन ओर अपने अपने हिसाब से रिव्यू
टीवी पर पोल क्रिएट हो रहे कि कितने लोग साक्षी के साथ है कितने खिलाफ जल्दी से हमे मेसेज करे ट्वीट करे etc
मानो आम भारतीयों के पास इसके अलावा करने को  अब कुछ बचा ही  न हो
बेशक मीडिया चौथा स्तम्भ है और जो दिखाता है देश की सच्चाई दिखाता है मेरा भी पसंदीदा क्षेत्र है लेकिन इस बार इस मुद्दे को हवा देने के लिए मीडिया द्वारा जो जातीय कार्ड खेला गया उससे अच्छे अच्छे बुद्धिजीवीयो को भी दो हिस्से में बांट दिया
अब आइये चलते है पूरे मामले की तरफ
राजेश मिश्रा बरेली उतर प्रदेश  से भाजपा के चुने हुए विधायक है जिनके बेटे है विक्की मिश्रा जिनकी खुद की कार्यकर्ताओ की एक अच्छी खासी फ़ौज है उनमें एक उभरता चेहरा भी है अजितेश जिसकी पार्टी के प्रति गतिविधियों से खुश होकर खुद राजेश मिश्रा उसे आगे बढ़ने के अवसर देते है
 धीरे धीरे विक्की से अजितेश की मित्रता इतनी प्रगाढ़ हो जाती है कि अजितेश विक्की के घर आते जाते रहते है विधायक जी से पार्टी के हर मुद्दे पर  सलाह मशविरा करते है ओर साथ मे खाना पीना भी होता है इस शतरंज में एक ओर कैरेक्टर है राजीव राणा कहने को विधायक जी के लँगोटिया यार ओर आजकल बिजनेस पार्टनर  लेकिन विधायक जी के इलेक्शन से लेकर सरकारी दौरे तक का खर्च जमा लाभ का हिसाब रखते है राणा जी अर्थात आप इन्हें विधायक परिवार के परमानेंट  सीए भी कह सकते है
विधायक जी की एक फूल सी बेटी भी है साक्षी मिश्रा जो आजाद ख्यालों की मल्लिका घर मे सबसे ज्यादा खुरापाती मस्तीखोर ओर लेकिन सबकी लाडली भी जिसे जो चाहे करने की आजादी और इसी आजादी की जिद पर वो बरेली से दूर जयपुर से अपनी  मिडिया एंड मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई करना चाहती है जिसके लिए विधायक जी तैयार भी हो जाते है
उधऱ पार्टी गतिविधियों में सक्रिय अजितेश को अचानक नए व्यवसाय के लिए पैसो की जरूरत पड़ती है तो वो विधायक जी से गुहार करता है विधायक जी via राजीव राणा अजितेश को 1 करोड़ रु देने का हुक्म फरमा देते है बिना ये जाने की इसी 1 करोड़ के लिए आने वाले दिनों में उन्हें हिंदुस्तान भर में जलील होना पड़ेगा शायद विधायक जी इस भृम में जी रहे थे कि उभरता दलित नेता अजितेश उनके लिए दलित वोटबेंक का सबसे बड़ा जरिया बन कर उभरेगा ओर विधायक जी के 1 करोड़ के भरोसे का कारण भी वोटबेंक ही था
उधऱ चीनू उर्फ साक्षी को जयपुर पढ़ने भेज दिया जाता है कुछेक महीनों बाद राणा द्वारा अजितेश से बकाया रकम चुकाने हेतु फोन किया जाता है और अजितेश अगले महीने का वादा कर एकबारगी मामले को टालने की कोशिश करता है बस यही से शुरू होता है पैसे न लौटाने  ओर विधायक को जलील करने का राजनीतिक दांवपेंच वाला शतरंज का खेल जिसमे अहम भागीदार खुद  अजितेश के पिता भी शामिल होते है
विधायक जी के घर आने जाने साथ खाने पीने के कारण परिचित हो चुकी जयपुर पढ़ रही साक्षी मिश्रा जो अजितेश से 10 साल छोटी भी है से मिलना जुलना शुरू होता है फोन पर प्यार की पींगे बढती है और एक दिन आनन फानन में दोनों घर पर बताये बगैर भाग कर शादी करने का फैसला करते है पैसे की लेनदेन से अनभिज्ञ साक्षी को इस वक्त दुनिया में सिर्फ और सिर्फ अजितेश का प्रेम दिख रहा था और अंततः दोनों ने शादी कर ली
जब विधायक जी को इसके समाचार मिलते है तो वे कोप भवन में जाकर  साक्षी के जन्म से लेकर पालन पोषण वाली अद्भुत यादो में खोए खुद को कोसते से रह जाते है
इस पूरे घटनाक्रम से अनजान राजीव राणा जब अजितेश से बकाया 1 करोड़ लौटाने के लिए दुबारा फोन करते है तब शुरू होती है विधायक जी और उनके परिवार को जिल्लत करने वाली चाल
बकायदा साक्षी द्बारा अजितेश को साथ मे लेकर एक वीडियो वायरल किया जाता है कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है क्योकि उन्होंने घर से भाग कर शादी की है और अचानक अजितेश को भी याद आ जाता है कि वो तो  एक दलित है ये तो सरासर अत्याचार है भला दलित किसी सवर्ण कन्या से शादी क्यो नही कर सकता????वीडियो जापान से आई बुलेट ट्रेन की माफिक गति से वायरल होता है ओर भारत के प्रतिष्ठित चैनल आज तक से दोनों प्रेमी जोड़े को बुलावा मिलता है साथ मे आते है अजितेश के पिता जो ये बताने आते है कि अजितेश दलित का बेटा है जैसे पहले कभी अजितेश ने किसी को बताया ही न हो जैसे कभी विधायक के घर साथ मे उठना बैठना ओर खाना पीना भी न हुआ हो
ओर आजतक पर जो प्रसारित हुआ वो पूरे देश ने देखा किस तरह एक बेटी ने अपने माता पिता पर आरोप लगाए विधायक पिता भी फोन के मार्फ़त आजतक पर अपना स्पष्टीकरण देने आए और स्पष्ठ किया कि मेरी बेटी को पूर्ण आजादी दी हुई थी ओर आज भी है  मुझे कोई गुरेज नही वो चाहे जो करे वो बालिग है और उसने खुद फैसला लिया है चूंकि विधायक जी स्पष्ठ कर देते है कि उन्हें कोई आपत्ति नही है तो अजितेश ओर उसके पिता की दाल यहां नही गलती क्योकि विधायक जी ने इस रिश्ते को स्वीकारने से मना कर दिया सो पैसो का लेन देन तो अटका ही रह गया सो  अब निशाना राजीव राणा की तरफ लगाया जाता है ओर आरोप लगाए जाते है कि राजीव राणा उन्हें जान से मारना चाहते है क्योकि वो दलित है और उसने सवर्ण बालिका से शादी की है फिर टीवी के सामने राजीव भी आते है और स्पष्ठ कर देते है कि न तो मैने कोई कॉल किया न कोई आदमी भेजे मेरे  पैसे बकाया है अजितेश में बस  वे लोटा दीजिए बाकी आप भले चाहे जो करे हमे कोई मतलब नही
इसी बीच अलग अलग चैनलों पर एक ओर खबर वायरल होती है कि अजितेश पहले ही भोपाल में किसी लड़की से सगाई कर चुका है मिडिया में उस सगाई के  फोटो वायरल होते है साथ ही पड़ोसियों द्वारा आरोप लगाया जाता है कि अजितेश अय्याश किस्म का व्यक्ति है इसके लिए उसके फेसबुक एकाउंट yo yo abhi singh की पोस्टों का विवरण भी दिया जाता है आरोप प्रत्यारोपण का दौर जारी है अजितेश अपने पिता और पत्नी साक्षी के साथ टीवी चैनल के हर स्टूडियो में प्रस्तुति दे चुके है लेकिन कोई पुख्ता सबूत नही दे पाए है जिससे देश की आम जनता और  मिडिया को भी लगे कि हां उनके दलित होने के कारण ओर भाग कर शादी करने के कारण विधायक जी द्वारा इनको धमकाया गया हो या जान से मारने की कोशिश की हो
लेकिन बार बार पैसे के लेनदेन वाले प्रश्न पर अजितेश ओर उनके पिता दोनों चुप्पी साध लेते है और ढाल बनाया जाता है साक्षी को जो रोज नई कहानी लेकर परिवार पर आरोप लगा देती है
इन सब से दूर विधायक राजेश मिश्रा आज भी कोप भवन में बैठे है किसी की बेटी उसके बाप को  बगैर बताये भाग कर शादी कर ले ये किसी भी पिता के लिए सबसे बड़ा अपमान का घूंट होता है और पिता हमेशा सोचता ही रहता है कि आखिर लाड़ प्यार में कहाँ कमी आई थी जो बेटी ने कम से कम पूछा भी नही की वो अपनी मर्जी से शादी करना चाहती है या परिवार की रजामंदी से
अब तक हुए घटनाक्रम में शतरंज के दांवपेंच जारी है साक्षी के भागने के बाद वायरल हुए वीडियो के दौरान विधायक जी बैकफुट पर थें लेकिन जैसे जैसे प्यादों की चाले बाहर आई अब अजितेश ओर उनके पिता बैकफुट पर है
उधऱ राजीव राणा शतरंज के उस हाथी की तरह प्रतीत हो रहे है जो अपने दायरे में चाहे जो कर सकता है इसलिए राजीव दबी जुबान से ही सही लेकिन कहते जरूर है कि
" अजितेश किसी से भी शादी करे कही भी जाए मुझे मेरे 1 करोड़ वापस कर दे बस"

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