zaira wasim secret superstar - khabar buzz

khabar (खबर) news must be read for information According to the media survey, in today's era, 75% of the Indian population reaches the Internet for news so here you can read articles about politics, sports, life style, Bollywood gossips, and about in Indian history....

गुरुवार, जुलाई 04, 2019

zaira wasim secret superstar

   zaira wasim secret superstar

                           zaira wasim secret superstar 

ऐसा नहीं है की बॉलीवुड मे कोई पहली बार मुस्लिम अभिनेत्री आई थी क्योकि आजादी से पहले नूरजहां फिर नर्गिस,मधुबाला,सुरैया,सायराबानो,फरीदा जलाल, परवीन बॉबी जैसी कई अभिनेत्रियों ने इस इंडस्ट्री मे नाम ओर शोहरत दोनों कमाई है ऐसा भी नहीं था की बॉलीवुड मे कश्मीर जैसी कट्टरपंथी जगह से कोई पहली हीरोइन आई थी क्योकि इससे पहले पाकिस्तान जैसे कट्टरप्ंथ मुल्क से भी अभिनेत्रियाँ बॉलीवुड मे आई है ओर अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया है जिसमे ज़ेबा बख्तियार मीरा खान रेशमा खान जैसे बड़े नाम शामिल है जो दोनों मुल्को की फेवरेट हीरोइने भी रही

लेकिन आज तक इस इंडस्ट्री मे धर्म को बचाने की दलील देते हुए किसी मुस्लिम अभिनेत्री ने इंडस्ट्री को नहीं छोड़ा जो हालिया दिनों मे जायरा वसीम ने किया है पिछले 70 वर्षो से बॉलीवुड मे किसी भी हिन्दू मुस्लिम या ईसाई अभिनेत्री ने कभी भी फिल्मों या मनोरंजन को धर्म के तराजू से जोड़ कर नही देखा था जबकि धार्मिक प्रष्ठभूमि पर बनी फिल्मों मे भी मुस्लिम अभिनेत्री ने हिन्दू महिला के किरदार निभाए है तो हिन्दू अभिनेत्री ने पर्दे पर मुस्लिम महिला के किरदार को जिया है जबकि बॉलीवुड तो एकमात्र ऐसी इंडस्ट्री है जहां धार्मिक या जातीय उन्माद का जरा भी सहारा नही लिया जाता इसीलिए तो मुस्लिम युसुफ खान  भी दिलीप कुमार बन कर अर्श तक पहुंचे उस बॉलीवुड इंडस्ट्री मे धमाकेदार एंट्री करने वाली सीक्रेट सुपरस्टार जायरा वसीम का एक ब्यान पूरी इंडस्ट्री समेत देश मे एक नई बहस छेड़ गया की क्या बॉलीवुड धार्मिक कट्टरता के बीच का रोड़ा है????


जायरा वसीम के फेसबुक अकाउंट से हुई पोस्ट के आधार पर तो यही नजर आता है शायद लेकिन जायरा वसीम ही क्यो??? क्या इससे पहले बॉलीवुड मे जितनी भी मुस्लिम अभिनेत्रियाँ आई वे अपने मजहब के प्रति वफादार नही थी??? क्या जायरा वसीम ही एकमात्र ऐसी मुस्लिम महिला है जिसे रातों रात एहसास हों गया की वो रास्ता भटक गयी है???


आइये थोड़ा बेकग्राउंड मे चलते है

भारत का स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर मे श्रीनगर के पास एक कस्बा है सोनवार जहां 20 अक्तूबर 2000 को जन्म हुआ जायरा वसीम का उसके पिता एक प्राइवेट कंपनी मे मेनेजर है तो माँ एक सरकारी टिचर है खुद जायरा की शिक्षा प्रतिष्ठित मिशनरी स्कूल सैंट पॉल्स से पूरी हुई 10th क्लास मे बोर्ड एग्जाम मे 92% लाने वाली लड़की जब अपने सपनों को उड़ान देने के बजाए धार्मिक कट्टरता का हवाला देकर बॉलीवुड से अलविदा कह कर बुर्का पहनने की बाते करे तो ताज्जुब ओर संदेह दोनों ही स्थितियाँ उत्पन्न हो जाती है ताज्जुब इसलिए की मात्र 18 वर्षीय लड्की जिसका फिल्मी केरियर शुरू ही हुआ था ओर धमाकेदार तरीके से शुरू हुआ था जिसकी पहली फिल्म 200cr का मुनाफा कमाई हो जिसकी पहली फिल्म मे आमिर जैसा सुपर स्टार अभिनेता हो वो लड़की अगर केरियर शुरू होते ही खतम होने की बात कहें तो ताज्जुब होना लाजिमी है  जबकि संदेह की स्थिति इसलिए पैदा होती है की मिश्नरीज स्कूल मे पढ़ी लड्की पढ़ाई मे अव्वल पहली फिल्म से सुपर स्टार बनी लड्की जब अचानक धार्मिक हवाला देने लग जाए तो संदेह होता है ज्ञात रहे की 2017 मे आई फिल्म सीक्रेट सुपरस्टार मे खुद जायरा ने एक ऐसी मुस्लिम बच्ची का किरदार निभाया था जिसमे उसके पिता सिर्फ इस्लाम ओर धार्मिक कट्टरता का हवाला देते हुए उसे स्टेज पर गीत गाने बजाने से रोकते है फिर वो यू ट्यूब के मार्फत बुर्के की आड़ मे अपना संगीत का शौक पूरा करती है ओर एक दिन सुपर स्टार बनती है फिल्म मे धर्मिक कट्टरता को रोकने का संदेश देने वाली जायरा ही जब धर्म का हवाला देकर बॉलीवुड छोड़ने का ऐलान करती है तो जरूर संदेह उत्पन्न होता है की कहीं ये कश्मीर घाटी मे चल रहे कट्टरपंत को बढ़ावा देने का इशारा तो नहीं???

 कहीं ये कट्टर मोलानाओ का 18 वर्षीय बालिका पर जबर्दस्ती डाला गया दबाव तो नहीं???

फिल्म इंडस्ट्री मे जायरा के इस निर्णय को लेकर मिली प्रतिक्रियाए मिल रही है अपने बड़बोलेपन के लिए मशहूर कमाल खान का कहना है की ये सब जायरा के नाटक मात्र है वो बॉलीवुड मे रहेगी ओर अमीर खान के साथ ही अगली फिल्म कर रही है जबकि रवीना टंडन का कहना था की मैं हेरान हूँ ये सुनकर की एक 18 वर्ष की लड़की बॉलीवुड छोड़ने को तयार हो गयी है वो खुसकिसमत थी की उसको आमिर जैसे स्टार के साथ ही पहला मौका मिला जबकि लाखो लड़कियां ज़िंदगी भर संघर्ष करती रह जाती है पर हीरोइन नही बन पाती जबकि जावेद अख्तर का कहना है की हर कोई अपने धर्म के प्रति आस्था रखने के लिए स्वतंत्र है

3 टिप्‍पणियां:

क्रिकेट जगत का पहला फिक्स मैच ओर बॉलीवुड कनैक्शन 53 साल पुरानी सच्ची घटना

क्रिकेट जगत का पहला फिक्स मैच ओर बॉलीवुड कनैक्शन 53 साल पुरानी सच्ची घटना  जिस तरह आज कल क्रिकेट जगत मे फिक्सिंग का साया अक्सर मंडर...