सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

chandraswami the con of india


चंद्रास्वामी- जब एक तांत्रिक ने देश को मूर्ख बना डाला

chandraswami the con of india

21 सितंबर 1995 की दोपहर जब हमारी स्कूल के छुट्टी हुई ओर स्कूल बस द्वारा घर जा रहे थे तो बीच मे देखा की बिना कोई वार त्योहार आज मंदिरो मे लंबी लंबी कतारें लगी है ओर विशेषकर उन मंदिरो मे लगी है जहां श्री गणेश की मूर्ति स्थापित थी दरअसल देश मे एक खबर फैली थी की श्री गणेश जी स्वयं दूध पी रहे है ओर मंदिरो मे जो कतार लगी है वे सब गणेश जी को दूध पिलाने की चाह मे खड़े है घर गए टीवी चालू किया तो पाया की ये सिर्फ यहाँ की एक शहर मात्र की कहानी नही बल्कि पूरे देश की जनता गणेश जी को दूध पिलाने मे व्यस्त है ओर जहां कही गणेश जी की प्रतिमा नही मिल रही शिव जी को ही दूध पीला कर खुश है आज भी जब जब गणेश चतुर्थी करीब आती है सर्वप्रथम 1995 वाला किस्सा जरूर याद आता है

 दरअसल भारत के सबसे बड़े तांत्रिक और राजनैतिक रुतबा रखने वाले चंद्रास्वामी ने सुबह मीडिया से कहा था की “कल रात उन्हे सपने मे गणेश जी आए ओर कहा की वे दुध पीना चाहते है”
 ओर फिर क्या था??? उस दौर के विपक्ष के सबसे बड़े नेता ओर पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत श्री अटल जी भी दिल्ली मे एक मंदिर मे गणेश जी को दूध पिलाने पहुँच गए थे जैसे जैसे खबर फैली देश मे गणेश मंदिरो के आगे जबर्दस्त भीड़ जमा होनी शुरू हो गयी  हालांकि बाद मे खुलासा भी हुआ की सुप्रीम कोर्ट मे चंद्रास्वामी के एक केस मे फेसला आना था सो देश और मीडिया का ध्यान भटकाने के लिए ये एक चाल मात्र थी

आखिर कितने बड़े तांत्रिक थे चंद्रास्वामी:- यकीनन जिसकी बात देश के सबसे बड़े विपक्ष के नेता ने मान ली हो तो निच्छित ही वो वास्तव मे कोई बड़ा ही तांत्रिक ही होगा???
का भविष्य तक बता देते थे राजीव गांधी की ह्त्या से ठीक 2 महीने पहले उनकी वो भविष्यवाणी जिसमे उन्होने कहा था की अब राजीव गांधी कम ही दिनों के मेहमान है अब मेरे मित्र नरसिहराव ही प्रधानमंत्री बनेंगे
और दुर्भाग्य से राजीव गांधी की ह्त्या के बाद स्वामी पर राजीव गांधी की ह्त्या तक का आरोप लग गया था लेकिन उनकी पीवी नरसिम्हाराव के पीएम बनने की भविष्यवाणी भी सच साबित हुई ओर अपने परम मित्र नरसिम्हाराव के प्रधानमंत्री बनते ही चंद्रास्वामी भी समझ गए थे की उन्हे अब सुरक्षा कवच मिल गया है दरअसल सिर्फ नरसिम्हाराव ही नही पूर्व पीएम चंद्रशेखर से लेकर ब्रिटिश प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर, ब्रुनेई के सुल्तान, हॉलीवुड अभिनेत्री एलिजाबेथ टेलर, बहरीन के शेख इसा बिन सलमान अल खलीफा, सऊदी अरब के हथियारों के सौदागर अदनान खशोगी, टाइनी रॉलैंड, इराक के नेता सद्दाम हुसैन, मशहूर डिपार्टमेंटल स्टोर हैरोड्स के मालिक अल फैयद भाई और माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम जैसे लोग  तक स्वामी के कायल थे पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने अपनी किताब मे जिक्र किया है की लंदन यात्रा के दौरान चंद्रास्वामी उनके साथ थे ओर इंगलेंड सीनेट की एक बैठक मे स्वामी ने मारग्रेट का हाथ देखते हुए भविष्यवाणी की थी कि तुम जल्द ही इंगलेंड कि प्रधानमंत्री बनने जा रही हो ओर जब मारग्रेट प्रधानमंत्री बनते ही स्वामी को मिलने विशेष आमंत्रण भेजा था और उसके बाद भी स्वामी से लगातार संपर्क मे रही दरअसल 70 और 80 दशक मे छुटभैये नेता अपनी सांसदी कि टिकट से लेकर इंद्रा जी से मिलने तक कि भविष्यवाणी जानने स्वामी के पास आते थे ये वो दौर था जब स्वामी देश मे नामचीन होते जा रहे थे और उनका राजनीतिक कद जिस गति से बढ़ रहा था उनके भ्रष्ठाचार के कारनामे भी इसी गति से बढ़ रहे थे 90 का दौर आते आते स्वामी का राजनीतिक रुतबा इतना बढ़ गया था जितना कभी इंद्रा जी के खास गुरु आचार्य धीरेंद्र का हुआ करता था लेकिन धीरेंद्र किसी का भविष्य नही बताते थे न ही तांत्रिक थे इसलिए आम नेताओ कि भीड़ च्ंद्रास्वामी  के इर्दगिर्द ज्यादा देखी गयी किसी भी राजनीतिक पहुँच वाले स्वामी के मुक़ाबले लेकिन कहते है न जो पाप किए है उनका प्रायचित भी इसी जन्म मे करना पड़ता है उसके लिए कोई अलग से जन्म नही मिलता सो यही चंद्रास्वामी जो कभी बड़े बड़े गद्दी नविश नेताओ ओर सेलिब्रिटी से घिरे रहते थे उन्ही स्वामी ने अपना अंतिम समय ज़्यादातर सजा याफ़्ता होते हुए जैल मे निकाला ओर जब बाहर आए कोई उनका हाल चाल तक पूछने नही गया ओर अंतत मई 2017 मे उनके दिल्ली स्थित आश्रम मे ही उनकी मौत हो गयी दरअसल स्वामी पर राजीव गांधी कि ह्त्या से लेकर दुनिया के कुख्यात हथियार तस्कर  अदनान ख्गोशी से व्यापारिक रिश्ते तक के आरोप लगे इससे अलावा स्वामी पर राजीव गांधी के हत्यारे लिट्टे संघठन से संबंध के भी आरोप लगे  नरसिम्हा राव का कार्यकाल खत्म होने के साथ ही चंद्रास्वामी की शोहरत का सितारा भी अस्त होने लगा था. उनके ऊपर तमाम आरोप लगे. जांच शुरू हो गई थी. वो गलत वजहों से ही सुर्खियों में रहते थे.
2004 में सीबीआई ने दिल्ली हाई कोर्ट से चंद्रास्वामी और राजिंदर जैन के रिश्तों की पड़ताल की इजाजत मांगी थी राजिंदर जैन का राजीव गांधी की हत्या से ताल्लुक बताया जाता था. 2014 में एक कारोबारी ने चंद्रास्वामी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई कि उनके आश्रम में उसके तीन करोड़ के जेवरात लूट लिए गए


साहूकार का बेटा बना तांत्रिक:-
 चंद्रास्वामी का जन्म 1948 में राजस्थान के अलवर में हुआ था. उनके पिता साहूकार थे, जिन्होंने बाद में हैदराबाद को अपने कारोबार का ठिकाना बना लिया था
9 भाई-बहनों में चंद्रास्वामी पांचवीं संतान थे उनका असल नाम नेमिचंद्र जैन था बहुत कम वक्त में चंद्रास्वामी ने खुद को एक भविष्यवक्ता, दिमाग पढ़ने की ताकत रखने वाले तांत्रिक यानी जगदाचार्य चंद्रास्वामी के तौर पर मशहूर कर लिया था जिस कारण वे अंतर्राष्ट्रीय पटल प्रसिद्ध हो गए

टिप्पणियां

टिप्पणी पोस्ट करें

If you have any doubts, please let me know

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

क्रिकेट जगत का पहला फिक्स मैच ओर बॉलीवुड कनैक्शन 53 साल पुरानी सच्ची घटना

क्रिकेट जगत का पहला फिक्स मैच ओर बॉलीवुड कनैक्शन 53 साल पुरानी सच्ची घटना 
जिस तरह आज कल क्रिकेट जगत मे फिक्सिंग का साया अक्सर मंडराया रहता है उससे हर किसी के मन मे एक ही ख्याल आता है की क्या वास्तव मे मैच फिक्स होते होंगे ???? क्या आज भी क्रिकेटर अपने देश को धोखे मे रखे हुए है ??
आइये आज हम आपको एक दिलचस्प किस्सा सुनाते है जो आज से करीब 53 साल पहले घटित हुआ था जी हा 
हुआ कुछ ऐसा था की वो क्रिकेट जगत का पहला फिक्स मैच होने जा रहा था जिसमे बल्लेबाज मैच से पहले पैसे लेकर 0 पर आउट होने वाला था लेकिन अचानक ऐसा क्या हो गया जो सब कुछ तय होने के बाद भी मैच फिक्स ही नही हो पाया ???
आइये जानते है पूरी कहानी

दरअसल वर्ष 1966-67 मे उस दौर की ताकतवर टीम वेस्टइंडीज भारत के दौरे पर आई हुई थी ओर वेस्टइंडीज के कप्तान थे सर गैरी सोबर्स जिनके बारे मे सुनील गावस्कर तक ने कहा था की सोबर्सइतने काबिल कप्तान थे की रेसकोर्स पर जाने के लिए टेस्ट मैच को रेस होने से पहले ही खतम करने का माद्दा रखते थे क्रिकेट इतिहास मे सर सोबर्स की क्या जगह है ये तय करना भी बड़ा मुश्किल है कोई उन्हे मिलेनियम स्टार कहते थे तो वेस्टइंडीज…

Rajkumar राजकुमार के अजब-गजब किस्से

Rajkumar  राजकुमार के अजब-गजब किस्से




आज हम आपको बताएँगे बलूचिस्तान मे जन्मे मुंबई मे पले बढ़े माहिम थाने के एक अड़ियल जिद्दी सब इंस्पेक्टर और बाद मे बॉलीवुड मे राजकुमार नाम से मशहूर हुए कुलभूषण पंडित से जुड़े दिलचस्प किस्से

फिल्म निर्देशक प्रकाश मेहरा अपनी फिल्म जंजीर की तयारी मे लगे थे और उन्होने जंजीर मे पुलिसवाले का रोल मशहूर अभिनेता राजकुमार को देख कर ही लिखा था बड़ी मुश्किल से राजकुमार ने प्रकाश मेहरा को मिलने का वक्त दिया क्योकि 70 का दशक आते आते राजकुमार इस मुकाम तक पहुँच चुके थे की जब बड़े से बड़े निर्माता राजकुमार से सीधी जुबान बात नही कर पाते थे कारण राजकुमार का वही अड़ियल रवैया जो फिल्मों मे देखने को मिलता था वो निजी ज़िंदगी मे भी कायम था और वे ठहरे हाजिरजवाब व्यक्ति. भला अगला कुछ पूछे उससे पहले अगले को आईना दिखाने के लिए राजकुमार के होठो पर जैसे शब्द स्वत उभर आते थे फिल्मी पंडितो की माने तो पारदर्शी साफ़्गोई से सच्ची बात कह कर अगले की ओकात बता देने वाला फिल्म इंडस्ट्री मे अकेला इंसान सिर्फ राजकुमार ही थे राजकुमार की खासियत थी की उनके सामने कितना भी बड़ा आदमी खड़ा हो उसे उसकी ओकात याद द…

विश्व कप विशेष: पहला विश्व कप पहला मैच ओर गावस्कर के 36 रन का आज तक वो रिकॉर्ड नही टूटा है

क्रिकेट विश्व कप इतिहास का पहला मैच ओर उसमे ही भारत के महान खिलाड़ी सुनील गाव्स्कर ने कुछ ऐसा किया की क्रिकेट जगत के इतिहास मे एक नया रिकॉर्ड बन गया जो आज तक कायम है ओर आधुनिक दौर के फास्ट क्रिकेट को देखे तो लगता है की बदकिस्मती से अब वो रिकॉर्ड गावस्कर के नाम ही रहेगा




क्रिकेट शुरुवाती दौर से टेस्ट मैच गेम रहा है जिसे जेंटलमेन गेम कहा गया 5 दिन का मैच इंगलिश सम्मर हल्की हल्की धूप ओर दर्शको की तालियो से गूँजता स्टेडियम सिवाए तालियो की गड़गड़ाहट के कोई शोर शराबा न होता था कोई अग्रेसन नही जैसा फुटबॉल के मेचो मे अक्सर होता था शायद इसीलिए क्रिकेट को जेंटलमेन खेल ही कहा जाता था ओर उस दौर मे भारतीय क्रिकेट का उभरता सितारा था सुनिल मनोहर गावस्कर भूरी आंखो घुंघराले बालो वाला 5फिट 4इंच के साधारण कद वाले इस युवा ने जब 1970 मे इंडीज दौरे से क्रिकेट की शुरुवात की सभी क्रिकेट प्रेमियो को अपना कायल बना चुका था
 फिर आया साल 1975 जब आईसीसी ने पहली बार टेस्ट sport के लेबल से बाहर निकलने की कोशिश की ओर क्रिकेट जगत का पहला विश्व कप इंगलेंड मे आयोजित करवाया टेस्ट क्रिकेट खेलने के आदि सभी खिलाड़ियो के लिए ये…