सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Rajkumar राजकुमार के अजब-गजब किस्से


Rajkumar  राजकुमार के अजब-गजब किस्से






आज हम आपको बताएँगे बलूचिस्तान मे जन्मे मुंबई मे पले बढ़े माहिम थाने के एक अड़ियल जिद्दी सब इंस्पेक्टर और बाद मे बॉलीवुड मे राजकुमार नाम से मशहूर हुए कुलभूषण पंडित से जुड़े दिलचस्प किस्से


फिल्म निर्देशक प्रकाश मेहरा अपनी फिल्म जंजीर की तयारी मे लगे थे और उन्होने जंजीर मे पुलिसवाले का रोल मशहूर अभिनेता राजकुमार को देख कर ही लिखा था बड़ी मुश्किल से राजकुमार ने प्रकाश मेहरा को मिलने का वक्त दिया क्योकि 70 का दशक आते आते राजकुमार इस मुकाम तक पहुँच चुके थे की जब बड़े से बड़े निर्माता राजकुमार से सीधी जुबान बात नही कर पाते थे कारण राजकुमार का वही अड़ियल रवैया जो फिल्मों मे देखने को मिलता था वो निजी ज़िंदगी मे भी कायम था और वे ठहरे हाजिरजवाब व्यक्ति.
 भला  अगला कुछ पूछे उससे पहले अगले को आईना दिखाने के लिए राजकुमार के होठो पर जैसे शब्द स्वत उभर आते थे फिल्मी पंडितो की माने तो पारदर्शी साफ़्गोई से सच्ची बात कह कर अगले की ओकात बता देने वाला फिल्म इंडस्ट्री मे अकेला इंसान सिर्फ राजकुमार ही थे राजकुमार की खासियत थी की उनके सामने कितना भी बड़ा आदमी खड़ा हो उसे उसकी ओकात याद दिला कर वापस जमीन पर लाने का तरीका ओर मुहफत्त जवाब सिर्फ राजकुमार के पास होता था.

हुआ यूं की जब प्रकाश मेहरा अपनी फिल्म जंजीर की स्टोरी लेकर राजकुमार के घर पहुंचे और कहानी सुनाई तो पूरी कहानी सुन राजकुमार अपने सोफ़े से उठे सिगार मुह मे लिया और बोले “ तुम्हारी कहानी अच्छी है इस पर फिल्म भी अच्छी बनेगी और बेशक इसे दर्शक भी पसंद करेंगे लेकिन मे तुम्हारी इस फिल्म मे काम नही करूंगा” ये सुन कर प्रकाश मेहरा हेरान थे उन्हे समझ नही आ रहा था की जब कहानी पसंद है तो इंकार क्यो ???
तब राजकुमार ने स्कॉच व्हिस्की की बोतल निकाली गिलास मे एक पेग बनाया और पहला घूंट लेते ही बोले “ मुझे तुम्हारे बालो से घटिया तेल की बदबू आ रही है और अगले 2 महीने तक मे ये बदबू नही झेल सकता” इतना बोलते ही ठहाका लगाते हुए वापस सोफ़े पर आकर बैठे और बोले “मुझे तो तुम्हारे चेहरे से ज्यादा अच्छी तुम्हारी ये कहानी लगी जाओ किसी नए नवेले को पकड़ो और उसको स्टार बनाओ” प्रकाश मेहरा समझ चुके थे की राजकुमार का उनके साथ काम करने का कतई मन नही है अब और बैठे तो अपनी बेज्जती इसी तरह सुनते रहेंगे और प्रकाश मेहरा ने जंजीर फिल्म के लिए फिर इंडस्ट्री मे नए नए आए अमिताभ बच्चन को चुना और उसके बाद अमिताभ सदी के महानायक बन गए

ऐसा नही था की इसके बाद कभी राजकुमार ने प्रकाश मेहरा की फिल्मों मे काम नही किया हो बल्कि 80 के दशक के अंतिम दौर मे राजकुमार ने मेहरा के साथ 2 फिल्मे की लेकिन तब तक मेहरा भी इंडस्ट्री के जाने माने फिल्म प्रड्यूसर बन चुके थे लेकिन तब भी राजकुमार ने काम तो अपनी शर्तो के आधार पर किया.

राजकुमार से जुड़ा एक और किस्सा दिलचस्प है दरअसल दिलीप कुमार और राजकुमार के कभी नही बनी दोनों ने सिर्फ 1957 मे बनी एक फिल्म मे साथ काम किया था लेकिन उस दौर मे राजकुमार अपने पाँव जमाने मे लगे थे जबकि दिलीप कुमार सुपरहिट थे लेकिन उसके बाद दोनों कभी भी साथ नही दिखाई दिये कारण की राजकुमार मानते थे की दिलीप कुमार को एक्टिंग कतई नही आती बल्कि वे अपनी रोतड़ी शक्ल से दर्शको की सहानुभूति ले जाते है 1957 के बाद  33 साल बाद सुभाष घई ने पहली बार दोनों को सौदागर फिल्म मे साथ मे लिया जब घई राजकुमार को साइन करने गए तो राजकुमार ने साफ मना कर दिया सुभाष घाई ने बताया की फिल्म मे आप दोनों दोस्त है फिर भी अड़ियल राजकुमार नही माने फिर स्टोरी पढ़ते ही राजकुमार बोले की दोनों दोस्तो मे मुझे अमीर दोस्त ठाकुर राजेश्वर सिंह का रोल दिया जाये तो ही मैं उसके साथ काम करूंगा क्योकि मेरी फितरत नही है की मे पर्दे पर भी दिलीप कुमार के सामने गिड्गीड़ाऊ और अंतत वही हुआ जो राजकुमार चाहते थे

अपने अंतिम दिनों मे राजकुमार को डॉक्टर ने बताया की आपको केंसर है तो राजकुमार ज़ोर से हँसे ठहाका लगाया सिगार मुह मे दबाई और बोले “ हम राजकुमार है राजकुमार हम खास है तो ये चोटी मोटी बीमारियाँ हमे नही हो सकती थी इसलिए हमे बीमारी भी खास हुई है”

अपनी म्रत्यु से कुछ दिन पहले राजकुमार ने अपने परिवार वाले सभी को बुलाकर हिदायत दी थी की उनकी म्रत्यु पर इंडस्ट्री मे शोर न मचाया जाये मीडिया न बुलाया जाये लोगो की भीड़ न की जाये मेरे दाह संस्कार के बाद ही बाहर खबर दी जाये की राजकुमार अब नही रहे है क्योकि मुझे ज़िंदगी मे कभी झूठा दिखावा और झूठे आँसू अच्छे नही लगे  

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

क्रिकेट जगत का पहला फिक्स मैच ओर बॉलीवुड कनैक्शन 53 साल पुरानी सच्ची घटना

क्रिकेट जगत का पहला फिक्स मैच ओर बॉलीवुड कनैक्शन 53 साल पुरानी सच्ची घटना 
जिस तरह आज कल क्रिकेट जगत मे फिक्सिंग का साया अक्सर मंडराया रहता है उससे हर किसी के मन मे एक ही ख्याल आता है की क्या वास्तव मे मैच फिक्स होते होंगे ???? क्या आज भी क्रिकेटर अपने देश को धोखे मे रखे हुए है ??
आइये आज हम आपको एक दिलचस्प किस्सा सुनाते है जो आज से करीब 53 साल पहले घटित हुआ था जी हा 
हुआ कुछ ऐसा था की वो क्रिकेट जगत का पहला फिक्स मैच होने जा रहा था जिसमे बल्लेबाज मैच से पहले पैसे लेकर 0 पर आउट होने वाला था लेकिन अचानक ऐसा क्या हो गया जो सब कुछ तय होने के बाद भी मैच फिक्स ही नही हो पाया ???
आइये जानते है पूरी कहानी

दरअसल वर्ष 1966-67 मे उस दौर की ताकतवर टीम वेस्टइंडीज भारत के दौरे पर आई हुई थी ओर वेस्टइंडीज के कप्तान थे सर गैरी सोबर्स जिनके बारे मे सुनील गावस्कर तक ने कहा था की सोबर्सइतने काबिल कप्तान थे की रेसकोर्स पर जाने के लिए टेस्ट मैच को रेस होने से पहले ही खतम करने का माद्दा रखते थे क्रिकेट इतिहास मे सर सोबर्स की क्या जगह है ये तय करना भी बड़ा मुश्किल है कोई उन्हे मिलेनियम स्टार कहते थे तो वेस्टइंडीज…

विश्व कप विशेष: पहला विश्व कप पहला मैच ओर गावस्कर के 36 रन का आज तक वो रिकॉर्ड नही टूटा है

क्रिकेट विश्व कप इतिहास का पहला मैच ओर उसमे ही भारत के महान खिलाड़ी सुनील गाव्स्कर ने कुछ ऐसा किया की क्रिकेट जगत के इतिहास मे एक नया रिकॉर्ड बन गया जो आज तक कायम है ओर आधुनिक दौर के फास्ट क्रिकेट को देखे तो लगता है की बदकिस्मती से अब वो रिकॉर्ड गावस्कर के नाम ही रहेगा




क्रिकेट शुरुवाती दौर से टेस्ट मैच गेम रहा है जिसे जेंटलमेन गेम कहा गया 5 दिन का मैच इंगलिश सम्मर हल्की हल्की धूप ओर दर्शको की तालियो से गूँजता स्टेडियम सिवाए तालियो की गड़गड़ाहट के कोई शोर शराबा न होता था कोई अग्रेसन नही जैसा फुटबॉल के मेचो मे अक्सर होता था शायद इसीलिए क्रिकेट को जेंटलमेन खेल ही कहा जाता था ओर उस दौर मे भारतीय क्रिकेट का उभरता सितारा था सुनिल मनोहर गावस्कर भूरी आंखो घुंघराले बालो वाला 5फिट 4इंच के साधारण कद वाले इस युवा ने जब 1970 मे इंडीज दौरे से क्रिकेट की शुरुवात की सभी क्रिकेट प्रेमियो को अपना कायल बना चुका था
 फिर आया साल 1975 जब आईसीसी ने पहली बार टेस्ट sport के लेबल से बाहर निकलने की कोशिश की ओर क्रिकेट जगत का पहला विश्व कप इंगलेंड मे आयोजित करवाया टेस्ट क्रिकेट खेलने के आदि सभी खिलाड़ियो के लिए ये…