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corona attack in jalore




क्या फूट चुका है जालोर मे कोरोना बम?????



देश भर मे कोरोना महामारी से त्राहि त्राहि मची है चारों तरफ अफरा तफरी का माहौल उतप्न्न हो चुका है ऐसे मे भला राजस्थान क्यो पीछे रहता???

राजस्थान मे सर्वप्रथम भीलवाडा मे एक डॉक्टर दंपति के मार्फत कोरोना विस्फोट हुआ जिसमे 235 लोगो को चपेट मे लिया हालांकि उनमे अधिकतर रिकवर भी हुए लेकिन  राजस्थान  मे इस महामारी की शुरुवात हो चुकी थी इसके बाद बची कसर तब्लीगी जमातीयों ने पूरी कर दी और कोरोना का दूसरा विस्फोट जयपुर के रामगंज मे हुआ जहां एक साथ 450 से ज्यादा कोरोना पॉज़िटिव पाये गए और देखते ही देखते राजस्थान भारत के टॉप 4 राज्यो मे शामिल हो गया.
ये सब घटनाए मार्च महीने के अंत एवं अप्रेल के शुरुवाती सप्ताह की थी एवं इसके बाद स्थितियाँ सुधरने लगी थी और प्रदेश मे सबको उम्मीद भी जगी थी की हम इस भ्यंकर स्थिति से उबर रहे है ओर सभी प्रदेश वासी ये  आशा कर रहे थे की 17 मई तक राजस्थान के हालात बेहतर हो जाएँगे

इसी बीच देश के कोने कोने मे फंसे प्रवासियों को वापस अपने ग्रहराज्य (जन्मभूमि) लाने के प्रयास शुरू किए गए और नये तरीके से ऑनलाइन एवं ऑफ लाइन पास भी वितरण किए गए देखते ही देखते मई के पहले सप्ताह मे प्रवासियों का घर  वापसी अभियान भी  शुरू हो गया

और इस तरह राजस्थान मे भी  प्रवासियों के साथ साथ जैसे कोरोना का नए सिरे से पुनः आगमन शुरू हो गया जैसे बंगाल ओर बिहार मे हुआ

जालोर:- 4 दिन मे ग्रीन से रेड जॉन

प्रतापगढ़ जिले मे एक्का दुक्का मामले आने से बाद से राजस्थान मे सिर्फ तीन जिले ही ग्रीन जॉन मे बचे थे जिनमे जालोर सिरोही एवं बारा शामिल थे 6 मई शाम 7 बजे तक जालोर जिला पूर्णतया ग्रीन जॉन मे शामिल था ओर निजी परिवहन एव अत्यधिक दुकाने पुनः शुरू भी हो चुकी थी ऐसे मे सबको ऊमीद थी की अब जिला सुरक्षित है लेकिन अहमदाबाद से लोटे 4 प्रवासियों की पॉज़िटिव रिपोर्ट आने के  बाद जिले मे हड़कंप मच गया ओर देखते ही देखते अगले तीन दिनों मे 15 केस पॉज़िटिव पाये गए जिनमे सांचोर आहोर भिनमाल क्षेत्र के प्रवासी शामिल थे
सांचोर के पॉज़िटिव केस भड्वल निवासी मुंबई के व्यवसायी ओखाराम प्रजापत जिन्होने 5 मई को अपनी फेसबुक वॉल पर कोरोना से बचने के सुझाव साझा किए थे खुद संक्रमित पाये गए एवं उपचार हेतु जोधपुर रेफर के दौरान उनकी म्रत्यु हो जाने से जिले मे हाहाकार मच गया जब उनकी ट्रेवल हिस्ट्री जाननी चाही तो ज्ञात हुआ की 5 मई तक ओखाराम को कोरोना नहीं था बल्कि मुंबई से सांचोर तक के सफर के दोरान वे चपेट मे आए जबकि उनके परिवार एवं उनके मिलने वालों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है सो स्थिति कितनी भयावह हो सकती है इसका अंदेशा मात्र लगाया जा सकता है इसी बीच आज 12 मई दोपहर 2 बजे तक जिले मे 28 और नए पॉज़िटिव केस सामने आए और देखते ही देखते जिले मे मात्र 4 दिनों मे 43 केस सामने आ गए जिनमे 95% केस प्रवासियों से जुड़े मामले थे जबकि दूसरी तरफ प्रवासियों का आना अभी भी निरंतर जारी है जो प्रवासी हजारों किलोमीटर का सफर तय कर के अपनी जान जोखिम मे डाल कर अपने गाँव आए है उन्हे अब क्वारीनटाइन सेंटर के बजाए घर मे ही आइसोलेट रखने का कहा गया है ऐसे मे अगर कोई प्रवासी लापरवाही भी करता है तो इसका खामियाजा पूरे गाँव एवं पूरे जिले को भुगतना पड़ सकता है

मुख्य प्रश्न ये है की पूर्णतया लोकडाउन की घोषणा 22 मार्च के दिन हुई थी ओर मई आते आते स्थितियाँ काफी हद तक सुधर चुकी थी और जालोर जिले मे ऐसा प्रतीत हो रहा था की अब ज़िंदगी वापस पटरी पर लौट चुकी है तभी यकायक इस तरह का बम फूटना पूरे जिले एवं प्रदेश को स्तुब्द कर गया है
विचारणीय बिन्दु ये है की जब स्थितियाँ सुधर रही थी एवं प्रवासी जो पिछले 2 महीने से यथा स्थिति मे जहा बैठे थे वे अगर अगले 10 दिन और वही ठहर जाते तो आज जालोर जिले को रेड जॉन मे लाने की नोबत नहीं आती तो आज तीन दिन मे 43 केस की नोबत न आती तो आज जिले मे दुबारा कर्फ़्यू जैसी स्थिति उत्पन्न न होती
हम इस लेख के जरिये किसी प्रवासी भाई पर प्रश्न नही उठाना चाहते हमारी संवेदना प्रवासियों के साथ है आप राजस्थान का आधार स्तम्भ हो लेकिन मात्र 10 दिन अगर आप यथा स्थिति जहां है वही सुरक्षित रहते और सफर से बचते तो आज पूरे जिले मे हाहाकार न मचता खेर सरकार की तरफ से अभी भी पास प्रक्रिया जारी है और प्र्वसियों का आना भी निरंतर जारी है ऐसे मे अब मामले 43 से कहा तक पहुंचेगे इसका अंदाजा नही लगाया जा सकता
खबरबज़्ज के माध्यम से हम आपसे इतना आग्रह जरूर करना चाहेंगे की आप जहां कहीं भी है बेहतर स्थिति मे है यथास्थिति मे रहने से कोरोना नही फेलता जबकि आपकी हजारों किमी की यात्रा आपको न चाहते हुए भी संक्रमित कर रही है  


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